Tuesday, December 21, 2010

शेर ज्ञान # 9

इस खामोश, वीराने साहिल पे
इक सिफ़र का आगोश है, और कहीं तुम हो
इन अनकहे लब्ज़ों के जनाज़े में
इक नाम हमारा है, और कहीं तुम हो

2 comments:

Arpz said...

wow! these days, words just dont sit with me ... just awed reading your poetry :)

Adarsh Shekhar said...

@ Arpz
Shukriya :)